Hindi Tongue Twisters for Stammering Practice
Hindi Tongue Twisters for Stammering Practice
- कच्चा पापड़, पक्का पापड़।
- पके पेड़ पर पका पपीता, पका पेड़ या पका पपीता।
- खड़क सिंह के खड़कने से खड़कती हैं खिड़कियां।
- चंदू के चाचा ने चंदू की चाची को चांदनी चौक में चांदी के चम्मच से चटनी चटाई।
- ऊंट ऊंचा, ऊंट की पीठ ऊंची, पूंछ ऊंची ऊंट की।
- चार चोर चार छाते चुराकर चंपत हुए।
- लकड़ी की काठी, काठी पर घोड़ा।
- डब्बा में डिब्बा, डिब्बे में डिब्बा।
- जो हंस बोले सो हंस, जो मुर्गा बोले सो मुर्गा।
- तीन टीले पर तेरह तितलियां तैर रही थीं।
- मदन, मोहन, मालवीय मद्रास में मछली मारते मारते मर गए।
- चार कचरी कच्चे चाचा, चार कचरी पक्के।
- लाली बोली लालू से लल्लन लाया था लड्डू।
- रस्ते में रेडियो वाला रेडियो बेच रहा था।
- समोसे में समोसा, समोसे में समोसा।
- तितली उड़ी, उड़ी तितली।
- फल वाले फल बेचते हैं।
- नदी किनारे नींबू की खेती।
- शीला की शादी में शोरबा।
- बंबई की बिल्ली बंबई में।
- काले कुत्ते ने काला कोट पहना।
- पीली पतंग पीली उड़ रही है।
- चीनी चोर चीनी चुराकर चंपत।
- ग्यारह गिलास गर्म दूध।
- सात समंदर पार से सात सौ सिपाही।
- रेल में रेडियो, रेडियो में राग।
- कबूतर कबूतर को कबूतर समझता है।
- मच्छर मच्छर को मच्छर समझकर मच्छरदानी में।
- टमाटर टमाटर को टमाटर समझते हैं।
- अगर सच्चा प्यार है तो सच्चा प्यार है।
- बूढ़ा बाबा बूढ़ी बकरी बांधे।
- छह चूहे छह चीजें चबाते।
- सात सौ सात सौ सात सौ सात।
- नन्हा मुन्ना राही हूं, देश का सिपाही हूं।
- चोर चोरी से चला गया चोरों की चोरी करके।
- पांच पंडित पांच पान पान में।
- रेशमी रुमाल रेशमी रेशम से।
- काली काली काली किताबें काली काली अलमारी में।
- तीन तलवारबाज तलवारबाजी करते।
- दस दुकानदार दस दुकानें दस दिशाओं में।
- भैंस भैंस को भैंस समझती है।
- काका काका को काका कहकर पुकारते।
- मास्टर मास्टर को मास्टर समझकर मास्टरी करते।
- सात सौ साठ सौ साठ सौ साठ।
- चाचा चौधरी चाचा चौधरी को चाचा कहते।
- पपीता पपीते को पपीता समझकर पपीता खाते।
- लंबा लंबा लंबा लंबा लंबोदर।
- कठिन कठिन कठिन कठिन कठिनाइयां।
- रात रात भर रात रात को रात समझकर रात भर सोते।
- अगर अगर अगर अगर अगर अगर अगर।
- ऊँट ऊँचा या ऊँचा ऊँट
- टीन टीन टिन टन टिन
- पकौड़ी पापड़ी पकोड़ी
- नीली नन्ही नीलम ने नन्हे नील को नीलाम किया
- डबल बबल गम बबल
- चटनी चाट चटपटी
- सरसर सरकती सीढ़ी
- लाल लाली लाल लड्डू
- राधा की रसगुल्ले वाली रसोई
- घनश्याम का घड़ा घिस गया
- फटाफट फाफड़ा फोड़ो
- खीर खाए खड़खड़ खड़खड़
- झूठा झुनझुना झनझनाया
- टप्पा टप्पी टपक टपक
- बबली बबल बबल में बबल
- कड़क कड़ाही में कचौड़ी कड़ी
- छत्तीसगढ़ के छत्तीस चोर
- शरद शशि शशांक शीतल
- पपीते पर पपीते पके
- मटर मटर मटर में मटर
- छम छम छनकती छन्नी
- फूली फूली फूलगोभी
- दाल दली दाल में डली
- ललित ने लाली को लाल लहंगा लाकर दिया
- चकाचक चम्मच चमके
- गगन गगन में गूंजा
- खट्टी खीर खाकर खांसा
- थाली में थाली ठनकी
- चूड़ी वाली चाची की चूड़ी टूटी
- रसगुल्ले रस में रसे
- तितली तोतली तोतली तितली
- फटाफट फिट फिट फिट
- खटखट खिड़की खटकी
- पपड़ी पकोड़ी पापड़ी
- घुसपैठ घबराहट घनी
- नीम नीम नीम की निबौली
- चपल चंचल चिमटी
- गीला गगन गूंज उठा
- छत्ते से छत्ता छूटा
- ठठ्ठा ठहाका ठनका
- फुफकारती फुफेरी
- लुढ़क लुढ़क लड्डू लुढ़का
- टनाटन टमाटर टूटे
- किलकिल किलकारी
- पगड़ी वाली पगड़ी पगड़ी
- खड़खड़ खंखार खटखट
- सरस सरसों सरसराई
- समझ समझ के समझ को समझो।
- लाला गोपे गोपाल गुप्सांग।
- फूल खिले हैं गुलशन गुलशन।
- मर हम भी गए, मरहम के लिए।
- नीली रेल लाल रेल, नीली रेल लाल रेल।
- तोल मोल के बोल, बोल मोल के तोल।
- पीतल के पतीले में पपीता पीला पीला।
- दूबे दुबई में डूब गए।
- चाची ने चाचा को चटनी चटाई।
- जो हँसेगा वो फँसेगा, जो फँसेगा वो हँसेगा।
- मदन मोहन मालवीय मद्रास में मछली मारते हैं।
- चार चोर चार छाते में चार अचार चाटें।
- फाल्गुन में फूल खिले, फूलों में फागुन।
- डाल डाल पर डंडा डोले।
- ताँगा टाँग के टाँगा ले गया।
- लकड़ी पर मकड़ी, मकड़ी पर लकड़ी।
- शरीफ़ा शहर में सड़ गया।
- गोल मटोल मोलू राम।
- सत्तर सपेरे सात समंदर पार।
- काला कबूतर, सफ़ेद तरबूज।
- ताज़ा तेल, गरम तेल।
- खिड़की की खड़खड़ाहट से खड़कता है खड़क सिंह।
- बाबू डब्बू डिब्बा लाया।
- गंदा गधा, गंदा गधा।
- चंदा चमके चम-चम।
- लल्लन लट्टू लाया।
- पीला पपीता, फीका पपीता।
- सुखी सहेली सबसे भली।
- बनारसी बाबू बनारस गए।
- सा रे गा मा पा धा नी।
- चटपटी चटनी चटाचट चाट।
- भारी भरकम भालू भागा।
- रामू की रामप्यारी रोती रही।
- ढोलक ढमाढम बाजी।
- तीतर के दो आगे तीतर।
- गोलू के गाल गुलाबी।
- पच्चीस बच्चे पच्चीस पत्थर।
- सड़क पर सनसनाती सायकल।
- भूखा भालू भात खाए।
- राजा राता रानी राती।
- समझ समझ के समझ समझ।
- काला कलूटा कछुआ।
- सुरीली सुर में सुर मिला।
- छोटी छतरी, बड़ी छतरी।
- मरहम मत मलो, मलमल पे मरहम मत मलो।